७६. Kabuli yaa saphed chane सफेद चने या काबुली चने
सामग्री- एक कप चना, साबुत गर्म मसाला- एक दाल चीनी का टुकड़ा, चार-पाँच लौंंग, एक तेजपत्ता, एक बड़ी इलायची, दो छोटी इलायची, १०-१२ काली मिर्च, पिसा गर्म मसाला एक चाय का चम्मच, एक चाय का चम्मच काली मिर्च पाउडर, एक बड़ा चम्मच धनिया पाउडर, एक बड़ा चम्मच अमचूर पाउडर या एक चौथाई कप इमली का रस , एक बड़ा चम्मच तेल, आधा चाय का चम्मच लाल मिर्च पाउडर, ३-४ हरी मिर्च कटी हुई , हरा धनिया थोड़ा सा बारीक कटा हुआ ।
विधि-
चनों को दो-तीन बार धोकर पानी डाल कर रात में भिगो दिया । सुबह उसी पानी में या फिर ताजा पानी लेकर कूकर में चने डाल दिए । उसमें पूरा साबुत मसाला डाल दिया और साथ में थोड़ा नमक डाल कर उबालने रख दिया । करीब दस-पंद्रह मिनट सीटी बजने के बाद चने रखने हैं । एक सीटी बजने के बाद आग मध्यम कर सकते हैं । जब चने उबल जाएं और कूकर ठंडा हो जाए तो ढक्कन खोलकर चनों को थोड़ा कुचल लिया जिससे आधे पूरे चने रहें और आधे कुचल जाएं और अच्छी तरह घुल मिल जाएं । फिर इसमें धनिया पाउडर, काली मिर्च पाउडर, अमचूर, बचा नमक और पिसा गर्म मसाला डालना है । साथ में हरी मिर्च काटकर डालनी है। जब तीन चार उबाल आ जाएं तो गैस बंद कर देना है। अब फ्राई पैन में तेल डालकर गर्म करना है जब तेल गर्म हो जाए तो गैस बंद कर देना है और उसमें लाल मिर्च पाउडर डालना है । चनों को सर्विंग बाउल में डालकर उसमें ऊपर से यह तड़का डालना है और हरे धनिये से सजाना है । साथ में हरी मिर्च लम्बी काटकर और नीबू के चार टुकड़े काट कर सजा सकते हैं । चाहे तो गोल कटे प्याज और टमाटर के टुकड़ों से भी सजा सकते हैं।
दूसरे प्रकार से भी चने बना सकते हैं जैसे कि
सामग्री- आधा किलो चने , दो टमाटर , १०० ग्राम प्याज , दो टुकड़े अदरक के , अमचूर २ चम्मच , एक चम्मच काली मिर्च पिसी हुई , २ चम्मच जीरा , गर्म मसाला १ चम्मच , कस्तूरी मेथी एक चम्मच , हल्दी १/२ चाय का चम्मच , लाल बीजा मिर्च एक चम्मच , नमक स्वादानुसार, ४-५ हरी मिर्च , १० तुरी लहसुन , २ चम्मच अनारदाना , १-२ दाल चीनी , ५-६ मोटी इलायची , २ चम्मच चाय पत्ती , सोडा थोड़ा सा , दो करछी घी , एक चम्मच रोगनी मिर्च ।
विधि - भिगोये चने को साफ करें ।याद रखें की भिगोते समय ही सोडा डाल दें । चनों को इतने पानी में उबालें कि जैसे एक कप के लिए तीन कप पानी । चनों को प्रेशर कुकर में उबालना है । चाय की पोटली को उबालने के लिए रखते समय यह पोटली भी डाल दें । चने कम से कम १५-२० मिनट सीटी बजने के बाद रखें । चने उबल जाने पर कढ़ाई में घी डालकर बारीक प्याज काट कर भूनें । प्याज भून जाएँ तो बारीक कटे टमाटर डाल दें और साथ में अन्य मसाले भी डाल दें । सभी को भूनें । पर अनारदाना पहले से ही अलग से भूनकर पीस कर रख लें । मसाला भुनते वक्त सूखे तो उसमें छोलों वाला पानी थोड़ा डालकर उसे भूनें अच्छी तरह से । मसाला भून जाए तो छोलों को डाल कर भूनें । फिर थोड़ी देर बाद बचा हुआ छोलों का पानी डाल दें । जब छोले गाढ़े हो जाएँ तो हरा बारीक धनिया से सजाएँ पर उससे पहले अमचूर , काली मिर्च पिसी हुई और गर्म मसाला डालें । फिर हरा धनिया से सजाने से पहले थोड़ा घी तड़के के लिए लें और घी गर्म होने पर उसमें जीरा और रोगनी मिर्च का तड़का दें और इसे छोलों के ऊपर डालें फिर परोसें । पर याद रखें कि मिर्च जलने न पाए इसलिए तेल गर्म होते ही जीरा डालकर गैस बंद कर दें और फिर रोगनी मिर्च डालें ।
७७. Bhature भटूरे
सामग्री- आधा किलो मैदा, एक चाय का चम्मच नमक , एक चाय का चम्मच अजवाइन, सोडा वॉटर (बाज़ार में उपलब्ध) , तलने के लिए तेल ।
विधि- मैदा एक थाल अथवा आटा गूंथने के बर्तन में डाला और साथ में नमक और अजवाइन भी डाल दिया । फिर सोडा वॉटर से आटा गूंथा । आटा नरम न हो और बहुत सख्त भी न हो । आटा गूंथने के बाद उसे थोड़ा तेल डाल कर मोयन दिया जिससे आटा चिपकेगा नहीं । इस आटे को करीब एक घंटा रखकर भटूरे तल सकते हैं यदि चाहे तो उसी समय भी तल सकते हैं। भटूरे के लिए मध्यम आकार के पेड़े अथवा गोले बनाने हैं । कढ़ाई में तलने के लिए तेल गर्म करना है । जब तेल थोड़ा गर्म हो जाए तो पेड़े अथवा गोले में थोड़ा सा तेल लगाकर भटूरे बेलने हैं पूरी की तरह । जब तेल गर्म हो जाए अच्छी तरह से तो कढ़ाई के एक छोर से धीरे से भटूरा छोड़ना है । तेल में भटूरा छोड़ते ही छेद वाली तलने वाले बडे चम्मच से भटूरे को हलके-हलके दबाकर फूलने देना है । जब एक तरफ से भटूरा लाल हो जाए तब उसे उलटना है और दूसरी तरफ से लाल होने पर पहले से बिछे अखबार पर उतारना है ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए । दूसरा भटूरा तेल में डालने से पहले थोड़ा सा रुकें जैसे ही तेल अच्छा गर्म हो भटूरा छोडे। याद रखें कि यदि बिना रुके दूसरा भटूरा डाल दिया तो वह फूलेगा नहीं। पहले तेल गर्म हो पर भटूरा डालने के बाद आग मध्यम कर लें ताकि भटूरा जले नहीं। दूसरी बात भटूरे बेलने के लिए सूखे मैदे का उपयोग ने करें इससे भटूरा तो सख्त बनेंगा ही और तलने वाला तेल भी किसी उपयोग का नहीं रहेगा। बचे तेल से आप परांठे सेंक सकते हैं या सूखी सब्जी बनाने में प्रयोग कर सकते हैं । पर याद रखें इस बचे तेल का फिर से तलने के लिए उपयोग न करें क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा ।
दूसरे प्रकार से भी भठूरे बनाने के लिए सामग्री -
१ किलो मैदा, २ कटोरी दही, २ चम्मच बेकिंग सोडा , गुनगुना पानी गूंथने के लिए ।
विधि ऊपर जैसी ही है पर इस आटे को गूंथकर ५-६ घंटे रखना होगा । कपड़े से ढककर , पर मलमल का कपड़ा भिगोकर और निचोड़ कर आटे को ढकने के लिए प्रयोग करें । तलने वैसे ही हैं जैसे कि ऊपर लिखा है । ये भठूरे दस लोगों के लिए काफी होंगे ।
Puri/पूरी
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