४२. चना दाल गोश्त
सामग्री- ४०० ग्राम हड्डी रहित मीट यानि की मटन, १ कप चना दाल, १०० ग्राम मटन कीमा, १ १/२ कप कटे हुए प्याज,
१ कप दही, १ बड़ा चम्मच धनिया पाउडर, लाल मिर्च, रोगनी मिर्च और गर्म मसाला १-१ चाय का चम्मच,
४ बड़े चम्मच तेल, हल्दी १/४ चाय का चम्मच,
अदरक और लहसुन की पेस्ट १ बड़ा चम्मच, खड़ा साबुत
गर्म मसाला ।
विधि- दाल को भीगने रख दें। मटन में लाल मिर्च पाउडर, नमक, अदरक
और लहसुन की पेस्ट, दही और रोगनी मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएँ
और इसे ४-५ घंटे के लिए रखें। प्रेशर कुकर में तेल गर्म करें और उसमें ३-४ छोटी इलायची,
एक बड़ी इलायची, ७-८ लौंग, दालचीनी और तेज पत्ता डालें । जब यह फूटने लगे तो प्याज डालें और जब प्याज
लाल होने लगे तो हरी मिर्च डालें । फिर १०० ग्राम कीमा डालें और इसे भूनें । भूनते-भूनते
ही हल्दी डाले दें । जब भुन जाए तो धनिया पाउडर. बचा हुआ लाल मिर्च पाउडर और अदरक-लहसुन
की पेस्ट डालें । फिर थोड़ी देर और भूनें जब थोड़ा तेल छोड़ने लगे तो थोड़ा-सा पानी डालें
और भीगी हुई दाल भी डाल दें । इसे करीब ५ मिनट पकने दें और अच्छी तरह मिला लें । इसके
बाद मटन डाल दें और सबको अच्छी तरह से मिलाकर नमक और गर्म मसाला डालें । फिर तेज़ आँच
पर ढक्कन लगा कर सीटी आने तक पकायें । जब सीटी बज जाए तो धीमी आँच करके करीब २० मिनट
तक इसे पकने दें। बाद में कटे हरे धनिए से सजाकर परोसें।
४३. रोगनी परांठा
सामग्री- १/२ किलो मैदा, ४ अंडे, छोटा चम्मच चीनी, घी, खमीर १० ग्राम, चीज़ ऊपर लगाने
के लिए, एक कप दूध, नमक, तिल, खसखस, हरी मिर्च, जीरा पाउडर, काली मिर्च ।
विधि- मैदे को खमीर के साथ गूँधें । खमीर को पानी में
मिलाना है फिर मैदे में मिलाना है। मैदे में नमक, दो बड़े चम्मच घी और चीनी एक चम्मच भी गूँधते समय डालने है । इसके
साथ दो अंडे डाल कर एक कप दूध के साथ इस आटे को गूँधना है। यह आटा काफी नर्म होगा ।
गीले कपड़े से इसे ढक कर एक घंटे के लिए रखें। फिर एक बार इसे गूँधे हाथ से मलते हुए
और फिर ५ मिनट रखें।
ऊपरी सजावट अथवा पर्त
के लिए तिल और खसखस को भूनें। घिसा चीज़ , हरी मिर्च, जीरा पाउडर और काली मिर्च डालकर
तिल और खसखस को भी इसमें मिला लें।
अब गुँधे आटे का पेड़ा
बनाएँ । थोड़ा तेल लगाकर छोटी चपाती बनए फिर ऊपर की सजावट का मिश्रण उस पर पानी लगाकर
चिपकाएँ फिर उसे थोड़ा-सा मोटा बेलें । फिर तवे पर इस चपाती को डाल दें। जब थोडा पक
जाए तो बचे हुए अंडे को फेंट कर रख लें और उसी को उसके ऊपर लगाएँ पर यह अंडा एक तरफ
लगाना है । जब नीचे वाला हिस्सा पक जाए तब अंडे वाला हिस्सा पलट दें और दूसरे हिस्से
पर घी लगाकर फिर से पकाएँ । कुरकुरा रोगनी परांठा कीमे के साथ खाएँ।
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